Functions
१. लोक अभियोजन संचालनालय का कार्य

  • गृह विभाग के ज्ञापन क्रमांक 2(ई) 168/87/ब(4) दो, दिनांक 8 जून 87 के द्धारा लोक अभियोजन संचालनालय का गठन करते हुए मध्यप्रदेश शासन ने यह निर्णय लिया कि संचालक लोक अभियोजन मप्र द्वारा निम्न कार्य निष्पादित करेंगे –
  • (अ) राज्य के समस्त अभियोजन कार्य का नियंत्रण ।
  • (ब) समस्त लोक अभियोजक तथा अतिरिक्त लोक अभियोजकों के कार्य का नियंत्रण और पर्यवेक्षण करेगे तथा जिलाध्यक्ष के माध्यम से लोक अभियोजकों और अति लोक अभियोजकों को आवशयक निर्देश देंगे तथा मार्गदर्शन प्रदान करना ।
  • (स) प्रत्येक जिले में अभियोजन संचालनालय के अधीन एक जिला कार्यालय होगा, जो जिले के अभियोजन से संबंधित समस्त कार्य के लिए जिम्मेदार होंगे. यह कार्यालय जिला दण्डाधिकारी के तात्कालिक पर्यवेक्षण के अधीन कार्य करेगा.
२. उप संचालक अभियोजन/ लोक अभियोजक के कर्तव्य

  • उप संचालक अभियोजन को राज्य शासन ने पदेन लोक अभियोजक एवं चिन्हित जघन्य व सनसनीखेज आपराधिक प्रकरणों, ई०ओ०डब्लू०, एस०सी०/ एस०टी०, लोकायुक्त, पोक्सो एक्ट एवं बल संरक्षण आयोग अधिनियम के तहत दर्ज प्रकरणों में विशेष लोक अभियोजक घोषित किया है.
  • इनका मुख्य दायित्व उक्त प्रकरणों में अभियोजन का संचालन करना एवं अधीनस्थ अधिकारीयों पर प्रशासनिक नियंत्रण रखना है.
  • इनके द्वारा प्रकरणों में पुलिस एवं अन्य विभागों द्वारा चाहे जाने पर विधिक अभिमत दिया जाता है, प्रकरणों में अपील व रिविजन प्रस्तावित किये जाने का दायित्व है.
  • जिला अभियोजन अधिकारी एवं सहायक जिला अभियोजन अधिकारियों द्वारा प्रेषित दोषमुक्ति प्रतिवेदनों की समीक्षा भी की जाती है.
  • इसके अतिरिक्त शासन तथा वरिष्ठ अधिकारीयों द्वारा समय-समय पर सौंपे गए कार्य और चाही गयी जानकारी प्रेषित करने का दायित्व भी है.
  • उप संचालक विभागाध्यक्ष के प्रति उत्तरदायी होंगे न्यायालयीन कार्य विभाजन का अनुमोदन करना तथा मासिक बैठक आयोजित करना.
३. जिला लोक अभियोजन अधिकारी के कर्तव्य

  • जिला लोक अभियोजन अधिकारी का मुख्य कार्य-
  • मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी के न्यायालय में राज्य की ओर से प्रस्तुत व लंबित आपराधिक मामलों का संचालन करने का है.
  • इसके अतिरिक्त आवश्यकता पड़ने पर अन्य गंभीर व सनसनीखेज मामलों, पोक्सो एक्ट के मामलों एवं ई०ओ०डब्लू० व लोकायुक्त सम्बन्धी मामलों में पैरवी की जाती है.
  • पुलिस तथा अन्य विभागों द्वारा चाहे जाने पर प्रकरणों में विधिक अभिमत दिया जाता है. न्यायालय से निर्णय पारित होने पर अपील एवं रिविजन योग्य प्रकरणों में अपील व रिविजन प्रस्तावित किये जाने का भी दायित्व है.
  • दोषमुक्त हुए प्रकरणों में अधीनस्थ अभियोजन अधिकारीयों से प्राप्त दोषमुक्ति प्रतिवेदनों की समीक्षा करना एवं दोषमुक्ति प्रतिवेदन उप संचालक अभियोजन को प्रेषित किये जाने का भी दायित्व है.
  • जिला स्तर पर अभियोजन कार्यालय के प्रमुख के रूप में जिला अभियोजन कार्यालय के प्रशासनिक नियंत्रण करना, अपने अधीनस्थ अभियोजन अधिकारीयों के कार्य का पर्यवेक्षण एवं आवश्यक सहयोग प्रदान करना अधीनस्थ अधिकारीयों को न्यायालयीन कार्य आवंटन करना तथा कार्यालय के प्रशासकीय एवं वित्तीय कार्यों को सम्पादित करना.
  • शासन तथा वरिष्ठ अधिकारीयों द्वारा समय-समय पर सौंपे गए कार्यों को सम्पादित करना एवं वांछित जानकारी प्रेषित करना. जिले के विभिन्न न्यायालयों द्वारा दोषसिद्ध पाए गए अपराधियों के फिंगरप्रिंट प्रिंट का रिकॉर्ड जिला अभियोजन कार्यालय में रखना एवं आवश्यक जानकारी पुलिस विभाग को भेजना.
४. अतिरिक्त जिला लोक अभियोजन अधिकारी के कर्तव्य

  • अतिरिक्त जिला लोक अभियोजन अधिकारी का मुख्य कार्य-
  • जिलों एवं तहसीलों में सत्र न्यायालयों में चिन्हित जघन्य व सनसनीखेज मामलों, पोक्सो एक्ट सम्बन्धी मामलों, ई०ओ०डब्लू०, लोकायुक्त संबधी मामलों में तथा आवश्यकतानुसार अन्य गंभीर मामलों में दांडिक न्यायालयों में पैरवी करने का है.
  • साथ ही जिला अभियोजन अधिकारी के कार्यों में सहयोग करते हुए पुलिस व विभिन्न विभागों द्वारा आपराधिक मामलों में विधिक अभिमत देना. वर्तमान में इन्हें जिला अभियोजन कार्यालय के आहरण व संवितरण अधिकारी के कार्य संपादन का भी दायित्व सौपा गया है.
सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी के कर्तव्य

  • सहायक जिला अभियोजन अधिकारी का मुख्य कार्य-
  • जिला एवं तहसील स्तर पर स्थापित न्यायिक दण्डाधिकारी के न्यायालयों में राज्य की ओर से प्रस्तुत आपराधिक मामलों का संचालन करने का है.
  • आवश्यकतानुसार चिन्हित जघन्य एवं सनसनीखेज मामलों, पोक्सो एक्ट के मामलों के संचालन में उप संचालक अभियोजन व जिला अभियोजन अधिकारी को सहयोग प्रदान किया जाता है.
  • पुलिस एवं अन्य विभागों द्वारा चाहे जाने पर आपराधिक मामलों में विधिक अभिमत दिया जाता है.
  • शासन तथा वरिष्ठ अधिकारीयों द्वारा समय-समय पर सौपे गए कार्यों को सम्पादित करने तथा वांछित जानकारी प्रेषित करने का भी दायित्व है.


×